“Jamshedpur” – The Short Film Hub


“शॉर्ट फिल्म्स” होती तो कम समय की है पर दिमाग़ पर गहरी छाप छोड़ देती है | आजकल की लाइफस्टाइल ऐसी हो गयी है की हमे ३ घंटे की मूवीस भी बोरिंग लगने लगी है बशर्ते वो फिल्म हमारे फॅवुरेट स्टार की होनी चाहिए | खैर ये बात तो हम सब को माननी पड़ेगी की हमे स्माल पॅकेट मे बड़ी चीज़ें अछी लगने लगी है,और आज के दौर मे शॉर्ट फिल्म्स को मिलती कामयाबी इस बात का सबूत है| जी हाँ शॉर्ट फिल्म्स कम समय की होकर भी हमे एंटरटेन कर सकती है और साथ ही साथ इनमे समाज ,देश और दुनिया को मेसेजस भी मिल जाते है जो हमे वाकई जागरूक करने मे कारगर साबित होते है |

इतिहास गवाह है की फिल्म जगत मे जितनी कामयाबी और तारीफ़ कमर्षियल और फीचर फिल्मों को मिली है, उतनी ही शॉर्ट फिल्म्स को भी, चाहे वो चार्ली चॅप्लिन की शॉर्ट कॉमेडी हो या द.डब्ल्यू. ग्रिफित’स की “बर्त ऑफ नेशन” और भी डाइरेक्टर्स और राइटर्स की कई सारी शॉर्ट

poster i am sorry

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फिल्म्स ने इस फील्ड मे बहुत नाम कमाया है|

ये तो है कल की बातें ,आज बॉलीवुड मे भी कई सारे डाइरेक्टर्स ऐसे है जो शॉर्ट फिल्म्स बना रहे है वो अनुराग कश्यप हो
या होमी अदजानिया (डाइरेक्टर ऑफ माइ चाय्स) ,और तो और कुछ स्टार्स ने तो तो कई सारी शॉर्ट फिल्म्स को प्रोड्यूस भी किया है|

और अगर बॉलीवुड इस मामले मे आगे है तो हमारा जमशेदपुर जो मिनी मुंबई कहलाता है पीछे कैसे हो सकता है| जी हाँ जमशेदपुर मे भी शॉर्ट फिल्म्स का क्रेज़ कुछ कम नहीं है, आपकी जानकारी के लिए बता दूं की हमारे जमशेदपुर मे ऐसे प्रोडकशन हाउस है जो हर साल २ या ३ शॉर्ट फिल्म्स बना रहे है, जिनको इंटरनॅशनल लेवेल पे कामयाबी मिल चुकी है|

press coverage short film mati ke mol

press coverage short film mati ke mol

साल २०१४ मे जमशेदपुर के नामी गिरामी डाइरेक्टर श्री शिव कुमार प्रसाद की शॉर्ट फिल्म “माटी के मोल” को इंडिया के करीबन सारे शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल मे जगह मिली| श्री विवेक कुमार , मो निज़ाम ,सौरव सुमन,हरी मित्तल,राजू मित्रा और भी कई सारे डाइरेक्टर्स और कलाकार इस फील्ड मे बहुत नाम कमा रहे है| ये तो ठहरे अनुभवी पर हमारे स्कूल गोयिंग स्टूडेंट्स भी इस मामले मे पीछे नई है| आए दिन जमशेदपुर मे टीनेजर्स भी कई सारी शॉर्ट फिल्म्स बना रहे है जो क़ाबिले तारीफ़ है|

poster fight with failure

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“फाइट विद फेल्यूर” , ” आई एम सॉरी”, “आई केन फ्लाइ” “एज मेट” “लैला” “अकीदत के रिश्ते” “जननी” “लगाव” और भी कई सारी फ़िल्मे जिन्होने हमारे दिल मे जगह बनाई और साथ ही साथ सोसाइटी को मेसेज देने मे भी कामयाब रही है| गर्व की बात यह है की कुछ फीचर फिल्में भी जमशेदपुर मे जल्द ही बनने वाली है, आशा है की हमारा जमशेदपुर भी शॉर्ट फिल्म्स और फीचर फिल्म्स के मामले मे बहुत तरक्की करे, हमारे डाइरेक्टर्स प्रोड्यूसर्स और आर्टिस्ट्स को बॉलीवुड मे मौका मिले|

वैसे अगर आप भी शॉर्ट फिल्म के दीवाने है और किसी बहाने से आप भी जुड़ना चाहते है शॉर्ट फ़िल्मो से तो आप इस फ़ेसबुक ग्रूप के ज़रिए अपने कॉंटॅक्ट बढ़ा सकते है

https://www.facebook.com/groups/Jsrfilms

Report by : Aisha Rao

Jamshedpurtainment

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