‘Nepal’ Needs You!


दुनिया में इंसानियत से बढ़कर कोई चीज़ नहीं और यह बात हमने कई मौको पर सुनी होगी और अक्सर हमारे देश के बुरे वक़्त में मदद करने वाले के हाथो देखने को भी मिलती है पर आज जिस बुरे वक़्त से नेपाल गुजर रहा है ऐसे में हर देशो से छोटी बड़ी मदद वहां के लोगो के जीने का सहारा बन गया है
25 अप्रैल 2015 को एक प्रलयंकारी भूकंप ने नेपाल का जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया और इस भूकंप के बाद लोगो में इतनी दहशत आ गयी की लोग रात भर सोते भी न थे सुना है 90 से ज्यादा झटके झेले वहां के लोगो ने और कुछ झटके तो इतने बड़े थे की बड़ी ऐतिहासिक इमारते ढह गयी

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उम्मीद का सहारा
नेपाल के इस त्रासदी के बाद उन्हें देश विदेशो से मदद मिलने लगी पर वहां के कुछ हिस्सों में अभी भी बचाव टीम के लिए पहुचना मुश्किल था जिसके लिये अमेरिका जापान चीन जैसे देशो ने अपने देश से स्पेशल टीम दिए, मलबे में फंसे आखरी सांसें गिन रहे कुछ लोगो को अब भी उम्मीद का ही सहारा है की कोई उन्हें जरूर बचा लेगा ! ये उम्मीद ही थी जिसके बदौलत 80 घंटे से ज्यादा मलबे के निचे दबे एक शख्स ने अपना मूत्र पीकर बस मदद का इन्तेजार किया और काफी मुश्क्कत के बाद रेस्क्यू की टीम उस तक पहुंची जिससे वह बच निकला

संकट की घड़ी अपनों का सहारा बना भारत
भारत और नेपाल के रिश्ते हमेशा से बेहतर रहे है, हिमालयी देश में जब 7.9 रिक्टर के गंभीर भूकंप के झटके महसूस किए गए, इसकी जद में भारत के कई प्रदेश भी आये थे। भारत पूर्व में ही गुजरात भूकंप, सुनामी और उतराखंड जलप्रलय जैसे विनाशकारी आपदाओं से जूझ चुका है। नुकसान का पूर्वानुमान करते हुये भारत ने भूकंप के कुछ ही मिनटों में आपदा प्रबंधन की बैठक की, और चंद घंटों में ही राहत उपकरण, डॉक्टरों की टीम, खाद्य सामग्री और जरूरी चीजों के साथ नेपाल पहुँच गयी। राहत कार्यों को जल्दी शुरू करने से कई जिंदगीयां अपनी जान बचाने में सफल रही, और नुकसान को कम किया जा सका। फिर नुकसान और आकलन के आधार पर विश्व समुदाय मदद करने आगे आया, इसके बाद नेपाल को बचाने का साझा राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

देश भर से ऑनलाइन लोगो ने मदद पहुंचाई
इस त्रासदी के शिकार हुए नेपाल के 10000 लोगो के मारे जाने की उम्मीद जताई जा रही है और अनगिनत घायल है या बेसुध और ऐसे लोगो की मदद करने के लिए जहाँ कई सामाजिक संस्थाये आगे आई वहीँ नौकरी पेशे से जुड़े लोग हो या गृहणियां उन्होंने भी रिलीफ फण्ड में ऑनलाइन डोनेशन देकर इंसानियत दिखाई

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जमशेदपुर से भी मदद को बढ़े हजारो हाथ
इंसानियत का परिचय देने में जमशेदपुर के लोग भी किसी से पीछे नहीं थे रिक्शा चलाने वाले से लेकर जॉब करने वाले तक ने अपने हिस्से की ज़िम्मेदारी निभायी और नेपाल तक अपनी सहायता पहुंचाई और इस काम में लोगो का बढियां साथ दे रहा है शहर का रेडियो चैनल 93.5 रेड एफएम जिन्होंने नेपाल रिलीफ फण्ड के लिए मदद जुटाने के लिए लगातार रेडियो के माध्यम से लोगो से संपर्क बना रही है उनका कहना है की ‘आपकी सैलरी सौ हो या हज़ार नेपाल को दो अपने एक दिन की पगार’
अगर आप भी इस नोबल कॉज के लिए डोनेशन देना चाहते है तो आप सीधे आदित्यपुर में रेड एफएम के ऑफिस जिनका अड्रेस 3rd floor, holiday in plaza, adityapur (near sarita cinema) में जा सकते है।

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क्रिकेट खेल कर चैरिटी
ऐसा नहीं है की आज की जनरेशन सिर्फ फेसबुक और व्हाट्सअप की दुनिया में खोये हो नेपाल को आर्थिक मदद पहुचाने के लिए जमशेदपुर के युथ में भी कमाल का एंथु देखा जा रहा है
जमशेदपुर की व्हाट्सअप अड्डा ग्रुप ने रचना कम्युनिकेशन के साथ मिलकर एक चैरिटी मैच का आयोजन किया है जिसके बारे में बताते हुए तरुण कुमार और चन्दन कुमार पाल ने कहा की ‘इस मैच का उद्देश्य नेपाल को ज्यादा से ज्यादा मदद पहुचाना है हम सब अपने तरफ से जितना हो सके डोनेट कर रहे है कुछ ने 100 तो कुछ ने 500 रूपये तक मदद दी है और अंत में टोटल जमा राशि हम रेड एफएम 93.5 के माध्यम से नेपाल विक्टिम्स तक पहुचाएंगे और उम्मीद है हम 10000 रूपये तक का हेल्प जरूर करेंगे’
नेपाल के लिए दुआ
फ़िलहाल एक्सपर्ट्स की माने तो नेपाल में और भूकंप अभी आ सकते है और इस मुश्किल घडी में नेपाल के साथ खड़े होकर उनकी मदद करके उन्हें होसला देने वाले लोगो को कुछ हासिल हो न हो पर उन लाचार और बेबस लोगो की दुआए जरूर लगेगी

All right Reserve (c)
Jamshedpurtainment Network

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