विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर “Donate Sanitary Napkin for Rural Girls” मुहिम की हुई शुरुआत


*“विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस” के मौके पर पोटका के आयोजित हुआ “माहवारी स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला”, किशोरियों व महिलाओं को किया गया जागरूक, 

28 मई 2017, पोटका / जमशेदपुर : विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस (World Menstrual Hygiene Day) के मौके पर सामाजिक संस्था निश्चय एवं स्माइल झारखंड ने पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखण्ड स्थित तेतला पंचायत परिसर में “माहवारी स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला” का आयोजन किया। कार्यशाला में सामाजिक संस्था निश्चय की संस्थापक पूनम महानंद ने कार्यशाला में उपस्थित किशोरियों एवं महिलाओं को संबोधित करते हुये उन्हें सशक्त बनने को प्रेरित किया। उन्होने बताया कि महिलाओं व किशोरियों को शिक्षित व हुनरमंद बनकर घर, परिवार व समाज के विकास में बड़ी भूमिका निभा रही है, इसके लिए महिलाओं व किशोरियों को अपने स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। माहवारी के मुद्दे पर बात नहीं कि जाती और नतीजतन उचित जानकारी के अभाव में किशोरियों व महिलाओं को कई गंभीर परेशानियों से जूझना पड़ता है। कभी-कभी किशोरी बालिकाएँ उन दिनों की परेशानियों की वजह से उचित व्यवस्था व मार्गदर्शन के अभाव में स्कूल जाना छोड़ देती है, जो सही नहीं है। 

*संकोच न करें, माहवारी शर्म का नहीं, बल्कि गर्व करने का विषय है : पूनम महानंद*

जागरूकता कार्यशाला के दौरान किशोरियों को विस्तार से माहवारी स्वच्छता के बारे में बताया गया, इस दौरान माहवारी के दिनों में बरती जाने वाली सावधानियाँ, सैनीटरी पैड के उपयोग, खुद की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, पेट दर्द होने पर बचाव, उपयोग किए गए नैपकिन के निपटान इत्यादि कई उपयोगी बातों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को बताया गया की यह शर्म का विषय बिलकुल भी नहीं है, यह आपके गर्व करने का विषय है कि आप कुदरत के सर्वश्रेष्ठ कृति के तौर पर परिपक्व हो रही है, यह प्राकृतिक है, ऐसा सभी लड़कियों के साथ होता है, आप बिलकुल भी संकोच ना करें, इस दौरान आप खुद कि सहेलियों से, बड़ी महिलाओं से बात करें, उनसे मदद ले। पुरुषों को भी इस विषय पर जानकारी होनी चाहिए, जिससे वो भी महिलाओं के इस गंभीर मुद्दे को समझते हुये मददगार बन सके। 

*छात्रा दीपा पॉल ने साझा किए अपने शुरूआती अनुभव, झिझक तोड़ने का किया प्रयास*


मौके पर उपस्थित एसडीएसएम स्कूल के वर्ग 12वीं की छात्रा दीपा पॉल ने प्रतिभागियों के झिझक को मिटाने के उद्देश्य से उन दिनों के शुरुआती अनुभवों को साझा करते हुये बताया की वर्ग 7वीं के दौरान मुझे पहली बार खुद में कुछ अलग महसूस हुआ। तब मैं भी चिंतित हो गयी थी, लेकिन स्कूल की शिक्षिका, सहेलियों एवं बड़ी दीदी से बात कर मैं सहज हो सकी थी। हम किशोरियों को ये जानकारियाँ आपस में साझा करनी चाहिए,एक दूसरे की मदद करनी चाहिए।  

*सैनिटरी नैपकिन वितरण कर किशोरियों व महिलाओं को किया गया प्रोत्साहित, “Donate Sanitary Napkin for Rural Girls” मुहिम की हुई शुरुआत, ग्रामीण किशोरियों के लिए दान करे सैनिटरी नैपकिन*

कार्यक्रम के दौरान किशोरियों व महिलाओं में सैनिटरी नैपकिन के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु सैनिटरी नैपकिन व जागरूकता पर्ची का का वितरण किया गया। इस दौरान उन्हें प्रयोग करने के तरीके एवं उसके निपटान की प्रक्रिया को भी बताया गया। कार्यक्रम के दौरान “Donate Sanitary Napkin for Rural Girls” मुहिम की भी शुरुआत की गयी। इच्छुक लोग नैपकिन दान करने हेतु 9470381724 पर संपर्क कर सकते है। दान से जुटाये गए सैनिटरी नैपकिन को प्रत्येक महीने अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में आयोजित किए जाने वाले माहवारी स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला के दौरान वितरित किया जाएगा। 

कार्यशाला में 60 से ज्यादा किशोरियों एवं महिलाओं ने भाग लिया। आयोजन में दौरान सौरभ बाग, सुजीत कुमार, ग्रामीण पत्रकार संजय सरदार, साहिया सोहगी सरदार व तेतला पंचायत की मुखिया दिपांतरी सरदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के उपसमाहर्ता संजय कुमार जी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन तरुण कुमार ने किया।

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