145 सालों का रिकॉर्ड टूटा, लंदन में मना लौहनगरी का लोहा.


ना जाने कितनों ने देखा होगा ‘लंदन ड्रीम्स’ कि लंदन में पढ़-लिख के नाम कमाएंगे. लेकिन अगर लंदन में पढ़ते-लिखते नाम कमा लो क्या बात, नहीं?
जमशेदपुर के शौर्य ‘शौर्य विग’ के साथ ऐसा ही कुछ हुआ.

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शौर्य गए थे लंदन के किंग्स कॉलेज पढ़ने, पर अब अपनी टिपटॉप पर्सनालिटी के बल पर नाम भी कमा बैठे हैं.
145 सालों में पहले भारतीय बन गए हैं जो किंग्स कॉलेज के उपाध्यक्ष(vice president) चुने गए हैं. लॉयला और लिटिल फ़्लार स्कूल से पढ़ कर किंग्स कॉलेज से बी.एससी कर रहे शौर्य ने चुनाव में 1737 वोट्स हासिल कर के लौहनगरी का लोहा मनवाया और कॉलेज के 350 सोसाईटीज़ के हेड चुने गए, अब अगले हफ़्ते तक पदभार ग्रहण कर लेंगे माने कुर्सी पर बैठ जाएंगे.
एक ठो और बात सुनिए, शौर्य एक साल तक पढ़ाई नहीं करेंगे, काहे? वो इसलिए क्योंकि कुर्सी मिल जाने पर खटना भी तो होता है ना जी? इस एक साल में पढ़ाई रोक कर कॉलेज की बढ़ोत्तरी के लिए काम करेंगे, वो अलग बात है कि इसमें वहां की सिस्टम का सपोर्ट भी है. (यहां एक साल तक पढ़ाई रोक के सिर्फ़ नेतागिरी करेंगे ना, तो मार जुत्ते-जुत्ता घर से निकाले जाएंगे)
इसी एक साल में शौर्य को कॉलेज की तरफ़ से अलग अलग कॉनफ़रेंस का हिस्सा बनना है और अन्य काम करने हैं. जिसके लिए कॉलेज से उन्हें 25 हज़ार पाउंड (~22 लाख रुपए) प्रदान किए जाएंगे.
चलो यार रिकॉर्ड तो तोड़ लिया अब शौर्य भइया को ख़ुद को साबित करना है, ख़ैर हमारी तरफ़ से उनको ऑल द बेस्ट.

वैसे लंदन में एक ठो और जमशेदपुरिया है जो नाम कमा रहा है. जो है वो जमशेदपुरिया जिसे लंदन पहचानता है पर जमशेदपुर नहीं.

 

 

[ Picture courtesy : Dainik Bhaskar ]

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