भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी का सुनहरा इतिहास लिखने को तैयार जमशेदपुर का “नवल टाटा हॉकी अकादमी”


जमशेदपुर :- भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी और झारखण्ड का याराना काफी पुराना है। पहले भी राष्ट्रीय टीम में झारखण्ड के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते रहे है। वीरेन्द्र लकड़ा, मासिरा सुरीन, सुमराई टेटे, निक्की प्रधान, कांति बा, मनोहर टोपनो उनमें जाने माने नाम है। इसके अलावा भारतीय टीम के लिए हॉकी खेलने वाले झारखण्ड के खिलाड़ियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने वाले खनिजों के अलावा झारखण्ड में हॉकी के उम्दा खिलाड़ियों की भरमार है। झारखण्ड के पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले सिमडेगा, खूंटी, पलामू व ओडिसा के सीमावर्ती इलाकों में बच्चे खेत- खलिहानों में हॉकीनुमा बांस का टुकडा लेकर हॉकी खेलते हुए दिख जाएंगे। झारखण्ड में हॉकी को लेकर जब इतनी दीवानगी है, तो ऐसे में ज़रूरी है कि इन टैलेंट्स को सही दिशा मिले, जिससे झारखण्ड देश को कई होनहार खिलाड़ी दे सके, जो आगे चलकर विश्वपटल पर भारत के नाम हर बार हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम करने की परंपरा को वापस लाये।

ऐसे तो राज्य में पहले से भी के हॉकी अकादमी है, जो खिलाड़ियों की प्रतिभा को जमीनी स्तर पर तराशने का काम कर रही हैं, लेकिन इसी वर्ष नवल टाटा हॉकी अकादमी के रूप में झारखण्ड को एक नया उपहार मिला है, जो अन्य हॉकी अकादमी की तुलना में सबसे नया और अत्याधुनिक है। टाटा हॉकी नवल अकादमी जमशेदपुर के टेल्को में अवस्थित है, जो कि तकनीकी रूप से अभी तक झारखण्ड में सबसे समृद्ध अकादमी है। इस अकादमी का उदघाटन 2 मार्च 2018 को किया गया था।

क्या ख़ास है टाटा नवल हॉकी अकादमी में, यहां किस तरह खिलाड़ियों को दिमागी व शारीरिक रूप से अन्तर्राष्ट्रीय टीमों के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार किया जा रहा है, बता रहे हैं अकादमी के एडमिनिस्ट्रेटर जीएम शरण

टाटा नवल हॉकी अकादमी के बारे में बात करते हुए अकादमी के एडमिनिस्ट्रेटर जीएम शरण ने जमशेदपुरटेंमेंट.कॉम को बताया कि “भारत में हॉकी को बढ़ावा देने में नवल टाटा ने महती भूमिका निभाई है, इसलिए अकादमी का नाम उनके नाम पर रखा गया। गौरतलब है कि नवल टाटा ने 15 वर्षों तक इंडियन हॉकी फेडरेशन का नेतृत्व किया था। इसके अलावा वह इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के वाईस चेयरमैन भी रह चुके हैं। साथ ही, उन्होंने ऑल इंडिया कॉउंसिल ऑफ़ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट की भूमिका भी निभाई हैं।

जीएम शरण ने बताया कि , “भारत में अभी भी ऐसे बहुत से खेल है, जिन्हें बढ़ावा दिए जाने की ज़रूरत है। हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी, उन्हीं खेलों में से एक है। हॉकी के खिलाड़ियों को वैसी ख्याति नहीं मिलती जैसी कि क्रिकेट के खिलाड़ियों को मिलती रही है। हॉकी अपने आप में अलग तरह का खेल है। इसकी तैयारी के लिए टर्फ मैदान की ज़रूरत होती है। क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए ग्राउंड में बहुत ज़्यादा बदलाव की उतनी आवश्यकता नहीं होती, लेकिन सामान्य से ग्राउंड पर हॉकी खेलकर कोई भी बढ़िया खिलाड़ी तकनीकी रुप से खुद को तैयार नही कर सकता। खिलाड़ी अगर सामान्य समतल मैदान पर ही हॉकी खेलने को अभ्यस्त हो, तो उसे टर्फ मैदान पर खेलने के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना होगा।”

अकादमी के कार्यो के बारे में बात करते हुए श्री शरण ने आगे बताया कि “नवल टाटा हॉकी अकादमी का एकमात्र उद्देश्य खिलाड़ियों के खेल प्रतिभा को निखारना है। बचपन से ही हॉकी को जीने वाले खिलाड़ी खुद काफी हुनरमंद है, लेकिन अकादमी में उनके खेलने की तकनीक और खेल की बारीकियों पर काम किया जाता है। अभी अकादमी में 14 से 17 साल के आयुवर्ग के खिलाड़ी अकादमी में रहकर खेल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। संस्थान में रहने वाले सभी खिलाड़ी झारखण्ड में ग्रामीण इलाकों से है। वे पहली बार परिवार से दूर, घर से बाहर है, इसलिए उन्हें ख़ास तरह के देखभाल की ज़रूरत होती है।

टाटा नवल हॉकी अकादमी की कई ख़ासियतें है। बच्चों को खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी लगातार आगे बढ़ने के लिए तैयारियां की गयी है। यहाँ वह नेशनल ओपन स्कूल के माध्यम से नियमित पढ़ाई कर रहे है, वही अकादमी में उनके लिए पढ़ाई और विशेष ट्यूशन की व्यवस्था की गई है। अकादमी में, खिलाड़ियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए डॉक्टर, उन्हें मानसिक तनाव से बचाने के लिए साइकेट्रिस्ट, बेहतर खान-पान के लिए डाईटीशियन, और फिट रहने के लिए फिज़िशियन की व्यवस्था है। साथ ही खिलाड़ियों की रूचि खेल और पढ़ाई में बनी रहे इसलिए टीवी, जिम, लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की व्यवस्था भी की गई है।

खिलाड़ी अपने खेल को हर दिन निखारे, इसे ध्यान में रखते हुए, मैच के दौरान वीडियोग्राफी करवाई जाती है, जिसे मैच ख़त्म होने के बाद कोच देखते हैं और हर खिलाड़ी को उसकी कमज़ोर और मज़बूत कड़ी बताते हुए उन्हें खेल में सुधार करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा अकादमी की ओर से, लगातार प्रदर्शनी मैच का आयोजन किया जाता है। जिसमें उन्हें अन्य क्षेत्रों की टीम शहर आकर उनसे मुकाबला करती है, वहीअकादमी की टीम को भी राज्य के अन्य मैदानों पर जाकर खेलने का मौका मिलता है।

सुदूर इलाकों के बच्चों के साथ एक समस्या यह होती है कि उन्हें अपने गांव-घर में ही खेलने के कारण अन्तराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोज़र नहीं पाता है। जिसकी वज़ह से, कई बार खिलाड़ी बड़ा सपना नही देखते, आगे बढ़कर खेलने को घबरा जाते है, जिससे मैच के दौरान वो प्रतिभा होने में बाद भी बेहतर नहीं कर पाते। यहाँ अकादमी के बच्चों को आगे चलकर ऐसी परेशानी न हो, इसलिए अकादमी में एस्ट्रोटर्फ तो बनाया ही है, इसके अलावा हॉकी स्टिक, खिलाड़ियों के जूते और कई अन्य ज़रूरी सामान भी विदेशों से मंगवाए जाते हैं।

श्री शरण के मुताबिक, अकादमी में भारतीय कोच के अलावा नीदरलैंड, हॉलैंड से पहुंचे कोच भी अपनी सेवाएं देते है, जो खिलाड़ियों के खेल को निखारने का काम करते हैं। पूर्व ओलिंपियन फ्लॉरिस बॉवलेंडर भी समय-समय पर अकादमी के खिलाड़ियों की निगरानी करते हैं।

नीदरलैंड से आये कोच एरिक ने बताया की “भारत आकर बच्चों को हॉकी सिखलाना काफी बेहतर अनुभव है। नीदरलैंड में कई हॉकी क्लब होते है, जहां उच्च स्तर की हॉकी खेली जाती है। यहाँ के लड़कों में काफी ऊर्जा है, और खेल से काफी प्यार करते है। अकादमी में उपलब्ध अंतराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उनके खेल में निखार लायेंगी।

भविष्य की योजना पर बात करते हुए श्री शरण ने बताया कि फ़िलहाल अकादमी में 28 बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं, लेकिन इसके विस्तार का काम तेज़ी से चल रहा है। फ़िलहाल एक और टर्फ बनाया जाना है। आगे चलकर, इस अकादमी में कुल 104 खिलाड़ी प्रशिक्षण लेंगे। जिनमें 50% यानी 52 लड़कियों को भी शामिल किया जाएगा। जैसे ही गर्ल्स के लिए भी अकादमी बिल्डिंग तैयार हो जाती है, बालिकाओं की टीमें भी अकादमी में खेल की बारीकियों को सीख पाएंगी।

जमशेदपुर मना रहा है “खेल उत्सव”, जमशेदपुर वासियों के लिए सुनहरा मौका

सर दोराबजी टाटा के जन्मदिन की 159वीं वर्षगांठ पर जमशेदपुर में “खेल उत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। रविवार, 26 अगस्त 2018 को लोयला विद्यालय, साकची स्थित फेसी ऑडोटोरियम में शाम 6:30 बजे से “अ सेलिब्रेशन ऑफ स्पोर्ट्स” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में अंतराष्ट्रीय हॉकी लीजेंड रिक चार्ल्सवर्थ एवम ज़फर इकबाल कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण होंगे। रिक चार्ल्सवर्थ हॉकी आस्ट्रेलिया से है, वह ओलंपिक रजत पदक विजेता है। वही जफर इकबाल स्वर्ण पदक विजेता है, उन्हें पदमश्री, अर्जुन अवार्ड से भी नवाजा गया है।
जमशेदपुरवासियों के पास कार्यक्रम में शिरक़त
कर हॉकी लीजेंड्स से मिलकर हॉकी को जानने का सुनहरा मौका है। प्रसिद्ध खेल पत्रकार व लेखक बोरिया मजूमदार कार्यक्रम के दौरान लीजेंड्स से बातचीत करेंगे।

आप सभी जमशेदपुरटेंमेंट के फेसबुक पेज पर चलाये जा रहे कांटेस्ट में आसान सवालों का जबाब देकर 200 लोग कार्यक्रम में शिरकत करने का मौका पा सकते है।

रिपोर्ट : श्वेता मोदी इनपुट : तरूण कुमार

तस्वीरें : avikr

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