Journal-e-Jamshedpur | Chapter 1


पेश है जमशेदपुरटेन्मेंट की ख़ास पेशकश Journal-e-Jamshedpur.
इस सेगमेंट में हर शनिवार की रात कहानी का एक टुकड़ा पोस्ट होगा. जो अपने शहर की कहानी है, आपकी और हमारी कहानी है. चलिए शुरू करते हैं..
IMG20200117171537

“ये लो छू दिए, अब खा लें न?”
माँ को बताना ज़रूरी होता था कि दान का चूड़ा-तिल हमने छू लिया है. बस एक स्पर्श से सारे ग्रहों काटने का नुस्ख़ा जानती है मेरी माँ.

मकर संक्रांति का दिन वैसे तो दोमुहानी में डुबकी लगाकर ही शुरू हुआ करता था लेकिन बड़े होने पर हमने इसको भी भुला दिया. जैसे हमने गुड्डी उड़ाने के लिए काँच पीसना, साबुदाना का लुइया बनाना, माँझा सोटना भुला दिया है...

IMG_20200118_104052

जैसे हम गुड़बदाम को मनपसंद आकार देना भूल गए हैं. जैसे हम अपनी चाहतों को आकार देना भूल गए हैं. अरमान भी गरमागरम गुड़बदाम की तरह होते हैं, सही समय पर आकार दे दिया जाए तो मुश्किल से टूटते हैं.
मकर संक्रांति से हफ़्तों पहले से हम गुड़बदाम बनाने-खाने का सिलसिला शुरू कर दिया करते थे. फिर बीते दिनों की मकर संक्रांति याद आई जब मुझे याद आया था कि….

अब तो उसने मेरे घर आना बंद कर दिया है.

IMG_20200118_104103

मुझे याद है ग्यारहवीं तक उसकी मम्मी थाली भर कर पीठा, तिलकुट और बदामपट्टी उसके हाथों मेरे घर भिजवाती थीं. थाली, उसके ऊपर रखे तिलकुट और तिलकुट के ऊपर रखा सूती का कपड़ा साल दर साल बदलता रहता, लेकिन जो नहीं बदला था वो था उसका मेरे घर आने का इंतज़ार. पता नहीं उसकी नज़र मेरी की तैय्यारियों पर पड़ती थी या नहीं लेकिन मैं उसके आने से पहले नहा-धोकर रहता था, छत पर गुड्डी उड़ाते हुए. ख़ैर बारहवीं वाले साल मैंने उसका बहुत इंतेज़ार किया. कुरता में काज लगवा रखा था, अगले दिन पता चला कि उसकी पढ़ाई की डोर ने मेरी गुड्डी काट दी है. उसके बाद मकर संक्रांति पर उसका तिलकुट पहुंचाना बंद ही हो गया. मुझे पतंग उड़ाने का मन नहीं करता, और पापा सोचते थे कि मैं आलसी हो रहा हूं. उनको लगता था ये सब फ़ोन के चलते है. लेकिन सवाल ये था कि उसे मेरे बारे में कुछ पता है या नहीं!

IMG20200117170055
स्वर्णरेखा के तट पर उड़ती पतंगों की तरह मेरे मन में भी ख़याल उड़ने लगे, उलझने लगे, दाँव-पेंच खेलने लगे.. मैंने ड्रॉवर खींचा और आनन-फ़ानन मेें अपना पुराना फ़ोन निकाल लिया….

(आगे पढ़ने के लिए इस सेक्शन को फ़ॉलो करते रहें)

What Do you think about this news?

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s